MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज or कल मतलब 12 – 13 नवंबर 2025 को जनता को एक साथ तीन बड़ी सौगातें दी हैं। एक तरफ महिलाओं के लिए लाड़ली बहना योजना का लाभ ₹45,000 करोड़ के पार पहुंच गया, तो दूसरी ओर सीएम ने बिजली उपभोक्ताओं के ज्यादा बिलों पर सरचार्ज माफी योजना की घोषणा की है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सोयाबीन उत्पादक किसानों के खातों में कल से भावांतर की राशि ट्रांसफर की जाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार का यह “तीन मोर्चों वाला ऐलान” — महिलाओं, किसानों और आम उपभोक्ताओं — तीनों वर्गों को सीधी राहत देने वाला कदम माना जा रहा है।
बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत: ज्यादा बिल वालों पर सरचार्ज माफी
मुख्यमंत्री मोहन यदव जी ने ट्वीट करते हुए कहा —
“प्रदेश सरकार बिजली उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा बिजली बिलों पर सरचार्ज माफ करने के लिए योजना चला रही है।”
प्रदेश सरकार बिजली उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा बिजली बिलों पर सरचार्ज माफ करने के लिए योजना चला रही है…
कल हम सोयाबीन उत्पादक किसानों के खाते में भावान्तर की राशि भी देने जा रहे हैं
– मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी pic.twitter.com/5DPhEO75IU
— BJP Madhya Pradesh (@BJP4MP) November 12, 2025
इस योजना के तहत वे उपभोक्ता जिनके बिजली बिल तकनीकी गड़बड़ियों, लेट फीस या बकाया के कारण बढ़ गए थे, अब सरचार्ज (ब्याज / जुर्माना) से राहत पा सकेंगे। ऊर्जा विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह योजना घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं दोनों के लिए लागू की जाएगी, ताकि आम नागरिक पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
मध्य प्रदेश सरकार ने बिजली विभाग को निर्देश दिए हैं कि सरचार्ज माफी के आवेदन सरल पोर्टल और बिजली केंद्रों पर जमा किए जा सकें, और ग्रामीण उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाए।
किसानों के खाते में कल से आएगी भावांतर राशि
सीएम मोहन यादव ने बताया कि सरकार कल से सोयाबीन उत्पादक किसानों के खातों में भावांतर योजना की राशि जमा करने जा रही है।
“कल हम सोयाबीन उत्पादक किसानों के खाते में भावांतर की राशि भी देने जा रहे हैं,” — सीएम मोहन यादव
यह घोषणा उन किसानों के लिए राहत की खबर है जिन्होंने हाल ही में सोयाबीन की गिरती कीमतों के बीच नुकसान उठाया था।
भावांतर योजना के तहत सरकार बाजार भाव और समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की राशि सीधे किसानों के खाते में जमा करती है, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पहली किश्त के रूप में लाखों किसानों के खाते में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।
लाड़ली बहनों को ₹45,000 करोड़ से अधिक की राशि और नया प्रोत्साहन
इसी सप्ताह मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक और बड़ी घोषणा की थी —
कि लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक ₹45,000 करोड़ से अधिक राशि राज्य की महिलाओं को दी जा चुकी है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री जी ने यह भी बताया कि —
“जो बहनें रोजगारपरक उद्योगों में कार्य करेंगी, उन्हें सरकार की ओर से अतिरिक्त ₹5,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।”
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को सिर्फ सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसरों से जोड़ना है। राज्य की 1.26 करोड़ महिलाएं हर महीने ₹1500 रुपये की सहायता पा रही हैं, और 2028 तक यह राशि ₹3000 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाई जाएगी।
सरकार की प्राथमिकता: हर वर्ग तक राहत और सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लगातार निर्णय यह दिखाते हैं कि सरकार की प्राथमिकता किसानों, महिलाओं और आम जनता के कल्याण पर केंद्रित है।
बिजली उपभोक्ताओं को राहत, किसानों को भावांतर और महिलाओं को सशक्तिकरण —
तीनों निर्णय राज्य की आर्थिक स्थिरता और सामाजिक समावेशन की दिशा में कदम हैं।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घोषणाएं त्योहारों के मौसम में जनता के मनोबल को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद करेंगी।
मेरा नजरिया और जनता की राय
मध्य प्रदेश में इस वक्त सरकार का फोकस स्पष्ट है — “जनता की जेब में राहत और समाज के हर वर्ग को सम्मान।”
जहां एक तरफ लाड़ली बहना योजना महिलाओं को सशक्त बना रही है, वहीं भावांतर और सरचार्ज माफी जैसी योजनाएं किसानों और उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति सुधारने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
मैं उदय पटेल एक लेखक के तौर पर मेरा मानना यह है कि घोषणाएं केवल सहायता योजनाएं नहीं हैं, बल्कि राज्य की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की नींव हैं।
अगर इन योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी और तेज़ रहा, तो मध्य प्रदेश आने वाले वर्षों में “सबसे संतुलित कल्याणकारी राज्य” के रूप में उभरेगा।
उदय पटेल “dspublicschools.in” वेबसाइट के संस्थापक हैं। डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट और क्रिएटिव लेखक, जो तकनीक और भविष्य की सोच पर लेख लिखते हैं।